अब भिलाई में प्रयोग

भारत के छः प्रदेशों के युवा कलाकारों की प्रदर्शित होगी कलाकृति १६  से १८ मई २०१८ तक भिलाई (छत्तीसगढ़) के नेहरू आर्ट गैलरी में शीर्षक ” प्रयोग – २ ” कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 16 मई को सायं 6 बजे श्री डी भार्गव (महाप्रबंधक प्रभारी खदान एवं रावघाट भिलाई इस्पात संयंत्र) करेंगे। इस कला प्रदर्शनी में छः प्रदेशों (झारखण्ड (जमशेदपुर) ,मध्य प्रदेश (जबलपुर,मलांजखण्ड ) ,छत्तीसगढ़ (खैरागढ़ ),उत्तर प्रदेश (आजमगढ़,इलाहबाद, लखनऊ,आगरा, ग़ाज़ियाबाद  ),दिल्ली ,राजस्थान(जयपुर) के ३८ युवा कलाकारों बैशालिका धारा,बिष्णु तिवारी ,भानु श्रीवास्तव…

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मुमताज़ अफसानानिगार असग़र वजाहत

अलीगढ ने मुझे बनाया है। इस संचयन का रस्मे इजरा अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में होना मेरे लिए बेहद ख़ास मौक़ा है। आज यहाँ मैं अनूठे शायर शहरयार, जावेद कमाल और कुंवरपाल सिंह को भी याद कर रहा हूँ। सुप्रसिध्द कथाकार-नाटककार असग़र वजाहत ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के केनेडी हॉल में आयोजित एक समारोह में कहा कि उर्दू के जो पाठक देवनागरी नहीं पढ़ पाते और हिंदी के वे पाठक जो उर्दू लिपि नहीं जानते -दोनों भारी नुकसान में हैं क्योंकि खड़ी बोली का साहित्य इन दोनों लिपियों में बिखरा हुआ है। वजाहत ने…

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इंसान है या भोपू

इन दिनों ललित कला अकादमी नई दिल्ली के कला वीथिका 5 में चित्रकार संजय शर्मा और छायाकार कुमार जिगीषु के चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई है | यह प्रदर्शनी 25 अप्रैल से 1 मई 2018 तक कला प्रेमियों के लिए लगी रहेंगी| समय समय पर कला के तमाम विधाओं पर नए नए प्रयोग निरंतर हुए है और आज भी किये जा रहे है, जिसके कारण कला के विभिन्न रूप हमारे सामने आते रहते है। जिन्हें सभी अपने अपने समाज , जीवन ,विचारधारा, सभ्यता और संस्कृति से प्रभावित हो कर ही…

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हिन्दू कॉलेज में ‘आषाढ़ का एक दिन’

पीयूष पुष्पम ———— दिल्ली के अग्रणी शिक्षण संस्थान हिन्दू कालेज की हिंदी नाट्य संस्था  ‘अभिरंग’ द्वारा रंग महोत्सव के अंतर्गत रंगसमूह ‘शून्य’ द्वारा ‘आषाढ़ का एक दिन‘ का मंचन हुआ।  मोहन राकेश द्वारा लिखे गए इस चर्चित नाटक की कथावस्तु संस्कृत कवि कालिदास के जीवन पर आधारित है। कालिदास और मल्लिका की दुखांत प्रेम कथा के साथ सत्ता और कलाकार के द्वंद्व  का भी इस नाटक में चित्रण किया गया है। नाटक का निर्देशन कर रही डॉ रमा यादव ने मल्लिका का भावप्रवण अभिनय भी किया। वहीं मल्लिका की माता अम्बिका की भूमिका में मनीषा स्वामी  ने अपने संवाद ‘तुम जिसे भावना कहती हो वह केवल छलना और…

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मानव अपने विवेक से समझता है “सौंदर्य”

                               युवा चित्रकार संदीप कुमार  मेघवाल से भूपेन्द्र कुमार अस्थाना की बातचीत नई दिल्ली स्थित ललित कला अकादमी  के कला वीथिका संख्या एक मे उदयपुर राजस्थान के युवा चित्रकार संदीप कुमार मेघवाल की चित्रोंं की प्रदर्शनी लगाई गई जिनमे छापा कला और पेंटिंग को प्रदर्शित किया गया ।       मेघवाल कहते हैं कि  कला पर आत्मिक चिंतन करूं तो मैं किसी वस्तु को देखता हूँ तो उस वस्तु के रूप विश्लेषण से मन पर जो प्रभाव पड़ते है उनमें एक प्रभाव सुंदरता का भी है जिसके आधार पर वस्तु में…

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युवा कलाकारों का ‘प्रयोग’

 इलाहाबाद सात प्रदेशों के कलाकारों की प्रदर्शनी इलाहाबाद स्थित उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के महात्मा गांधी कला वीथिका में तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी ‘प्रयोग’ शुरू हुई। प्रदर्शनी का उद्घाटन इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक सुनील गुप्त ने किया। इस मौके पर कहा गया कि आज कलाकार केवल कारीगर की तरह कार्य नही करना चाहता।  वह निरंतर अपनी कलाकृतियों में नए-नए प्रयोग करता है। अपने विचारों को नित नए नए आधुनिक माध्यमों के द्वारा नए रूप प्रदान कर रहा है। एक दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक की भांति कार्य करने का विचार करता है। अपने…

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उत्तर प्रदेश का रंग परिदृश्य

-आलोक पराड़कर रात के करीब डेढ बजे थे। अमूमन इस वक्त व्हाट्स एप पर समूहों के ही यदा-कदा संदेश आते हैं लेकिन जब संदेश की ध्वनि कई बार आती गई तो मोबाइल देखना पड़ा। कई छोटे-छोटे संदेश थे। सर, आप मेरा एक काम कर दो, आप मेरे मम्मी-पापा का भी एक इंटरव्यू ले लो। लेकिन उन्हें यह नहीं पता चलना चाहिए कि मैंने आपसे कहा है। आप इंटरव्यू लेंगे तो शायद उन्हें अहसास होगा कि मैंने कोई बड़ा काम किया है। यह सुगंधा थी। दो दिन पहले ही उससे बातचीत…

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चित्रों में प्रकृति और स्त्रियां

– भूपेंद्र कुमार अस्थाना  प्रकृति में ऐसे दृश्य देखने को मिलते है जिसे एकटक देखते ही बनता है। उससे प्राप्त सौंदर्य और आनंद से मन पुलकित हो जाता है।देखते सभी है प्राकृतिक दृश्य को लेकिन कुछ अभिव्यक्ति करते है अपने विशेष माध्यम से। उसी आनंद को लोगो को भी देना चाहते है। एक चित्रकार अपने चित्राभिव्यक्ति से वही आनंद देने का प्रयास करता है। हालांकि कुछ अपने मानवीय कल्पना और भावना के आधार पर चित्र का निर्माण करते है, उनका सौंदर्य, आनंद या प्रभाव भी कुछ कम नही होता प्राकृतिक…

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देवास में बना कुमार गंधर्व द्वार

 हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में अपने ढंग के अनूठे गायक पं.कुमार गंधर्व को स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस विख्यात गायक की स्मृति में देवास में उनके घर के निकट भव्य द्वार का निर्माण किया गया है। उनकी बेटी और प्रसिद्ध गायिका कलापिनी कोमकली ने इसका उल्लेख करते हुए अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है- अब जब भी आप  हमारे घर ‘भानुकुल’देवास पधारना चाहेंगे, हम आपसे कह सकेंगे कि आगरा मुम्बई मुख्य मार्ग से देवास में प्रवेश करें और केवल एक बार बाएं मुड़ें जहां ‘कुमार गन्धर्व द्वार’लिखा है,और थोड़ी…

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भैरव से भैरवी तक की यात्रा

0 पूजा श्रीवास्तव सप्त सुरन, तीन ग्राम, उड़नचास कोटितान,    गुणीजन सब करत गान, नाद ब्रह्म जागे। सुर सम्राट तानसेन की इस उक्ति का अर्थ है कि गुणीजनों द्वारा सात सुरों ,तीन ग्राम और तानों के उन्चास प्रकार के स्वरबद्ध गान से नाद ब्रह्म की उत्पत्ति होती है। ऐसा माना जाता है भारतीय शास्त्रीय संगीत केवल स्वरों का आरोह अवरोह नहीं बल्कि ध्यान की ,अध्यात्म की एक प्रक्रिया है। जन्म तो हम सब एक जीव के रुप में लेते हैं लेकिन हमें मनुष्य बनाते है हमारे संस्कार और हमारा समाजीकरण।…

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