जड़ों से जुड़ी रहे कलाएं

अवध आर्ट फेस्टिवल का दूसरा दिन लखनऊ। कलाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। जड़ों से जुड़कर ही उनकी पहचान बनती है। कला, संगीत या रंगमंच में जड़ों से जुड़े रहना महत्वपूर्ण है। ये विचार वक्ताओं ने ललित कला अकादमी के अलीगंज स्थित परिसर में चल रहे अवध आर्ट फेस्टिवल के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को व्यक्त किए। दूसरे दिन ‘सृजनात्मकता एक देशी जुबान है’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। तीन मार्च तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 40 से अधिक कलाकारों की 150 कलाकृतियां प्रदर्शित की गई…

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