उत्तर प्रदेश का रंग परिदृश्य

-आलोक पराड़कर रात के करीब डेढ बजे थे। अमूमन इस वक्त व्हाट्स एप पर समूहों के ही यदा-कदा संदेश आते हैं लेकिन जब संदेश की ध्वनि कई बार आती गई तो मोबाइल देखना पड़ा। कई छोटे-छोटे संदेश थे। सर, आप मेरा एक काम कर दो, आप मेरे मम्मी-पापा का भी एक इंटरव्यू ले लो। लेकिन उन्हें यह नहीं पता चलना चाहिए कि मैंने आपसे कहा है। आप इंटरव्यू लेंगे तो शायद उन्हें अहसास होगा कि मैंने कोई बड़ा काम किया है। यह सुगंधा थी। दो दिन पहले ही उससे बातचीत…

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