तो मैं हिंदी को छोड़ दूंगा और अंग्रेजी में फिर चला जाऊंगा-राज बिसारिया

तो मैं हिंदी को छोड़ दूंगा और अंग्रेजी में फिर चला जाऊंगा राज बिसारिया से बातचीत 0 आज जब पीछे मुड़कर देखते हैं तो कैसे लगता है? जिन ख्वाबों को लेकर चले थे, क्या वे पूरे हो गए? -ख्वाब तो वह होता है जो पूरा नहीं होता है। कुछ बातें जरूर किसी कारण से मन में ठानी थी। जब विश्वविद्यालय में पढ़ता था 1953 की बात है। उस समय नाटकों के कितने निर्देशक थे जो बताते थे कि ये करो, ये न करो। उस जमाने के लड़के-लड़कियां जो काम कर…

Read More

धारा के विरुद्ध चलने वाला नाटककार

सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था ‘अलग दुनिया ‘ व भारतेंदु नाट्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान मे दिनांक 19 मार्च 2017 को भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ के बी ऍम शाह प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में वरिष्ठ नाट्य लेखक राजेश कुमार को दूसरा जुगल किशोर स्मृति पुरस्कार दिया गया । समारोह की अध्यक्षता कर रहे भारतेंदु नाट्य अकादमी के पूर्व निदेशक राज बिसरिया ने कहा कि रंगमंच विचार से बनता है, यह वेशभूषा की नुमाइश नहीं है। चाहे आप रंगमंच के किसी भी रूप में काम कर रहे हो, लेकिन रंगमंच का विचारात्मक होना जरूरी…

Read More

महत्वपूर्ण प्रदर्शनियों को मीडिया नोटिस

प्रसिद्ध चित्रकार  जयकृष्ण अग्रवाल से बातचीत अग्रणी छापा चित्रकारों में शुमार किए जाने वाले जयकृष्ण अग्रवाल लखनऊ स्थित कला एवं शिल्प महाविद्यालय से सन् 2001 में प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए हैं लेकिन उनकी कला यात्रा में ठहराव नहीं आया है बल्कि वे ऊर्जा से लबरेज हैं और प्रयोगों का क्रम भी जारी है। स्टेन्सिल से होते हुए कुछ समय पूर्व गिस्ली प्रिण्ट्स तक पहुंचकर उनकी कला ने एक नया बदलाव ग्रहण किया है और इससे उनकी सृजनात्मकता को भी विस्तार मिला है। 75 वर्षीय अग्रवाल की कला साधना का अपना…

Read More