सिरेमिक त्रिनाले में यूपी

उत्तर प्रदेश के दो सिरेमिक कलाकार सितांशु जी मौर्य लखनऊ तथा त्रिवेनी तिवारी भदोही की कलाकृति कंटेम्पररी क्ले फाउंडेशन द्वारा आयोजित दिनांक 31 जुलाई से 18 नवंबर 2018 तक   चलने वाले जवाहर कला केंद्र जयपुर में “इंडिया सिरेमिक त्रिनाले– ब्रेकिंग ग्राउंड ” में प्रदर्शित किया गया है। वर्तमान में शितांशु ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र कोलकाता में सिरामिक सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत हैं। और लगातार सेरेमिक विधा में कार्य भी कर रहे हैं। तथा त्रिवेनी सेरेमिक विधा में दिल्ली में स्वतंत्र कलाकार के रूप में कार्य कर रहे हैं।
इस त्रिनाले प्रदर्शनी में प्रदर्शित अपनी कलाकृति के बारे में बताते हुए त्रिवेनी कहते हैं कि मेरा कार्य सिरामिक इंन्स्टालेशन है। जो शीर्षक “seeds in the ruined city” “उजड़े शहर में बीज (संभावना)” नाम से  दीर्घा में प्रदर्शित है। इस प्रोजेक्ट में “सीमेंट पीलर” तथाकथित आधुनिक विकास के प्रतीक के रूप में लिया गया है। इसमें पीलर के साथ उगते हुए बीज को रखा गया है।
 त्रिवेनी आगे बताते है कि मेरे लिए कला साधना हमेशा समय संधान के रूप में रहा है। मैने अपने समकालीन बिम्बों को रचने की कोशिश की है। मैं अपने समय के द्वन्दों को जीकर रूप गढ़ने का प्रयास करता हूँ। बीज मेरे रचना यात्रा का प्रस्थान बिंदू रहा है। क्योंकि बीज समस्त सृष्टि में अदभुत रचनात्मक रूप है। इसमें एक पूरा जीवन , एक कोड के रूप में समाहित रहता है। इसमें टूटे हुए पीलर हमारी बढ़ती हुई भौतिकवादी वस्तुकेन्द्रित सोच को दर्शाता है। तमाम भौतिकवादी  सुविधाएं प्रकृतिक स्वभाव को कृत्रिम बना रही है।
– भूपेंद्र कुमार अस्थाना

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