चित्रकार कौशलेश कुमार को पूर्वांचल रत्न 

वाराणसी में  प्रतिभाओं की कमी नहीं है | आठ नवंबर 2020 को उत्तर प्रदेश पत्रकार परिषद द्वारा वाराणसी में आयोजित 14वें वार्षिक समारोह में चित्रकला की ऐसी ही एक प्रतिभा कौशलेश कुमार को ललित कला एवं शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए पूर्वांचल रत्न अलंकरण सम्मान 2020 से सम्मानित किया गया l इस पुरस्कार में शॉल, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किया जाता है l वर्तमान में कौशलेश कला शिक्षक के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के  केंद्रीय विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं l याद करते चलें कि इसी वर्ष के आरंभ में जनवरी 2020 नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री के कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा-2020 के दौरान संपूर्ण कला दीर्घा व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय) एवं शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उन्हें दी गई थी l 2018 में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय संगीत कला संगम-2018 में ,उन्हें उनकी कलाकृति “हार्ड टू हार्डवेयर” के लिए क्रिएटिव कैटेगरी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है l  मूल रूप से आरा (बिहार) के रहने वाले चित्रकार कौशलेश कुमार ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा आरा (बिहार) से पूरी की है | उसके बाद कला शिक्षा उन्होंने दृश्य कला संकाय- काशी हिंदू विश्वविद्यालय एवं कला एवं शिल्प महाविद्यालय-लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की।  कौशलेश शुरुआत से ही बहुत सक्रिय कलाकार रहे हैं | देश की अनेक प्रतिष्ठित कला प्रदर्शनी एवं कार्यशालाओं में उन्होंने सराहनीय भागीदारी निभाई है | इसके लिए उनको अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है तथा उनके चित्रों की प्रदर्शनी देश के प्रतिष्ठित कला दीर्घाओं में आयोजित हो चुकी है l वह ललित कला के साथ समाज सेवा में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं l कौशलेश अपने गृहनगर आरा शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों में वे सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं | वे लखनऊ प्रवास के दिनों में भी काफी सक्रिय रहे हैं। (विज्ञप्ति)

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